देश भर में अद्वितीय व अग्रणी रक्त कोष है - डा. हेडगेवार रक्तपेढ़ी, अकोला (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र के विदर्भ जिले के अकोला शहर में आदर्श संस्कार मंडल द्वारा संचालित डा. हेडगेवार रक्तपेढ़ी (blood bank) की स्थापना वर्ष २००३ में की गई थी। अगस्त २००८ में इसका पांचवां स्थापना महोत्सव मनाया गया था। रा.स्व.संघ की प्रेरणा से इस प्राणदायी प्रकल्प
का प्रारम्भ अथक परिश्रम से स्वयंसेवकों ने किया। संघ के कार्य को ईश्वरीय कार्य मानते हुए अनेक बाधाऒं और कठिनाइयों के बावजूद भी यह प्रकल्प रक्त दान संचय के क्षेत्र में अग्रणी है। अकोला के वरिष्ठ स्वयंसेवक स्व. नाना साहब ठोंबरे तथा स्व. बेबीताई हरदास ने अपने निवास स्थान को डा. हेडगेवार रक्त पेढी केन्द्र के लिए दान में दिया। इसके साथ ही अनेक व्यक्तियों, प्रतिष्ठानों तथा सामाजिक संस्थानों ने इसके विकास में अपना अमूल्य सहयोग दिया है। दि अकोला अर्बन कोआपरेटिव बैंक लि. अकोला, विदर्भ युवक प्रतिष्ठान, दि अकोला अर्बन बैंक कर्मचारी सेवासमिति, नादुरा अर्बन कोआपरेटिव बैंक तथा डा. हेडगेवार जन्म शताब्दी सेवासमिति सहित अकोला शहर के प्रबुद्ध महानुभाव - हरीशभाई अलीमचंदानी, श्रीमती मोहिनी देवी खंडेलवाल, डा. बाबा साहब भागवत व श्री नरेन्द्र जी पाठक आदि इसमें सामिल हैं।
विधिवत् रक्तपेढी का कार्य प्रारम्भ हुआ किन्तु प्रकल्प के संचालन हेतु जब रक्त की बहुत आवश्यकता हुई तो कार्यकर्ताऒं के सतत् प्रयत्न से समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर उसकी पूर्ति की गई। प्रत्येक तीन माह बाद कार्यकर्ताऒं द्वारा इन रक्त दान शिविरों का आयोजन किया जाता है। रक्तपेढी में नित्य बढोत्तरी होते ही विविध उपकरणों, साधनों एवं उनके संचालन हेतु कुशल विशेषज्ञ स्वयंसेवकों की आवश्यकता पडने लगी। रक्तपेढी में प्रारम्भ से ही रक्त घटक का भी निर्माण किया गया था। जिससे रोगियों को आवश्यकतानुसार रक्त का उचित घटक देकर उपचार में आसानी होती है। इस रक्त घटक रक्तपेढी में पी.आर.सी. प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, सिंगल डोनर प्लेटलेट इत्यादि रक्त घटक तैयार किए जाते हैं।
रक्तपेढी को अधुनातन उपकरणों से युक्त बनाया गया है। रुग्ण लोगों के प्रभावी उपचार एवं रक्त की मांग की पूर्ति निरन्तर करने हेतु रक्त दान शिविरों के अलावा रक्त जांच शिविर, आरोग्य शिविर, थैलीसीमिया रुग्ण पालक सम्मेलन, रक्तदान शिविर संयोजक सम्मेलन जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
पिछले तीन वर्षों से रक्तपेढी का एक अभिनव उपक्रम "घर बैठे रक्तदान" चल रहा है जिसमें रक्तदाता अपनी सुविधानुसार स्वयं समय तय करके अपने घर अथवा कार्यालय में रक्तदान कर सकता है। डा. हेडगेवार रक्तपेढी को दूरभाष पर अपना नाम व पता बता कर आप अपने जन्मदिन या किसी पर्व विशेष पर रक्तदान कर सकते हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से रक्तपेढी का वाहन, कुशल चिकित्सक व तंत्रज्ञ आपका रक्त लेकर, आपको प्रमाण पत्र देने के साथ भविष्य की शुभकामना देता है।
अकोला नगर तथा आस-पास के शहरों से रक्त की भारी मात्रा में मांग आती है, जिसे पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में रक्तदाताऒं को खोजना, और शिविरों का आयोजन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, जिसे स्वयंसेवक पूरी निष्ठा एवं तल्लीनता के साथ सम्पन्न करते हैं। अकोला तथा आस-पास के क्षेत्र में कुल मिलाकर १२ रक्तपेढी कार्य कर रही हैं और यह गर्व का विषय है कि डा. हेडगेवार रक्तपेढी, रक्त संचयन व रक्त वितरण में सदैव अग्रणी रहती है। वर्ष २००४ में जब डेंगू महामारी ने अकोला तथा इसके आस-पास के क्षेत्र में कई लोगों को संक्रमित किया तो प्लेटलेट्स रक्तपेशी के अभाव से ग्रस्त इन डेंगू रोगियों के लिए डा. हेडगेवार रक्तपेढी के सेवकवर्ग व संचालकमंडल ने प्रतिदिन प्लेटलेट्स तैयार कर उन प्रभावितों को भीषण संकट से बचाकर इस प्राणघातक व्याधि पर नियंत्रण किया।
जैसे-जैसे रक्तपेढी का कार्य बढ़ा वैसे - वैसे नए साधनों व उपकरणों को इसमें जोड़ा गया। वर्ष २००७ में अफरिसिस यूनिट प्रारम्भ की गई जिसमें बड़ी मात्रा में प्लेटलेट्स दी जा सकती हैं। लाखों रुपए की लागत वाले इस उपकरण से एक ही व्यक्ति के शरीर से ३५० मिलीलीटर प्लेटलेट्स निकालकर रोगी को दी जाती हैं, जिसे सिंगल डोनर प्लेटलेट कहते हैं। पहले ऐसे रोगियों को मुम्बई, पूना या नागपुर इसके लिए जाना पड़ता था, लेकिन आज डा. हेडगेवार रक्तपेढी अकोला में जन-जन के लिए यह उपलब्ध है। इसे वाहन की माध्यम से रोगी व्यक्तियों को उपचार हेतु अच्छे चिकित्सक के पास ले जाया जाता है तथा रक्तदान शिविर में रक्त संचयन के लिए भी इसका उपयोग होता है।
डा. हेडगेवार रक्तपेढी द्वारा विगत पांच वर्षों में आयोजित रक्तदान शिविरों, रक्त संचयन व रक्त वितरण का वृत्त यहां प्रस्तुत करना प्रासंगिक होगा।
वर्ष |
रक्तदान शिविर |
कुल रक्त संचयन
(ml) |
कुल रक्त वितरण
(ml) |
थैलीसीमिया, सिकलसेल रुग्ण को नि:शुल्क रक्त वितरण |
2003 |
9 |
1580 |
1661 |
47 |
2004 |
37 |
5113 |
6247 |
228 |
2005 |
72 |
4313 |
5337 |
246 |
2006 |
58 |
4073 |
5717 |
323 |
2007 |
72 |
5326 |
7789 |
467 |
2008 |
92 |
5575 |
7838 |
556 |
डा. हेडगेवार रक्तपेढी की ऒर से ४७ थैलीसीमिया तथा सिकलसेल रोगियों को नि:शुल्क रक्त दिया जाता है। इसके साथ ही रक्तपेढी की ऒर से कई सामाजिक उपक्रम चलाए जाते हैं, ताकि रुग्ण समाज को स्वस्थ समाज में परिवर्तित किया जा सके।
अपने कार्य में निरंतर गुणवत्ता के कारण ही डा. हेडगेवार रक्तपेढी को फरवरी २००९ में दिल्ली में भारत की उच्च संस्था एन.ए.बी.एच. द्वारा राष्ट्रीय स्तर की सात अन्य रक्तपेढियों के साथ एक्रीडीशन ब्लड बैंक का सम्मान प्राप्त हुआ। रक्तपेढी का कार्य निरन्तर आगे बढ़ रहा है। इसको और अधिक विस्तृत एवं व्यपक करने हेतु स्थान का अभाव प्रतीत हो रहा है। इसके लिए नया स्थान लेकर इसके अधिक विस्तार की योजना है जिस हेतु पर्याप्त धन के योजन की आवश्यकता है। इस पवित्र कार्य को और अधिक सुगम, प्रभावी एवं व्यापक बनाने हेतु व इस प्रकल्प को सशक्त बनाने के लिए आप सभी का अमूल्य सहयोग प्राप्त होगा, ऐसी अपेक्षा है। आप स्वेच्छा एवं सदभाव से इस निमित्त दान राशि का ड्राफ्ट "डा. हेडगेवार रक्तपेढी, अकोला" के नाम से निम्न पते पर भेज सकते हैं-
डा. महेन्द्र तामणे, अध्यक्ष डा. हेडगेवार रक्तपेढी,
स्टेट बैंक कालोनी - न. १ के पास,
जठारपेठ, अकोला- ४४४००५ (महाराष्ट्र)