भारतीय कृषि विश्व व्यापार वार्ता का विषय नहीं-
प्रभाकर केलकर, महामंत्री भारतीय किसान संघ

सोमवार, ३१ जुलाई ०९. प्रतिनिधि
भारतीय किसान संघ ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के प्रमुख सदस्यों की तीन सितंबर से नई दिल्ली में होने वाली मंत्रिस्तरीय वार्ता का विरोध करते हुए वाणिज्य मंत्री पर विदेशी ताकतों के हाथों में खेलने का आरोप लगाया है। भारतीय किसान संघ के महामंत्री श्री प्रभाकर केलकर ने सोमवार को नई दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व वाणिज्य मंत्री मुरासोली मारन से लेकर कमलनाथ तक सभी ने डब्ल्यूटीओ के प्रावधानों का कड़ा विरोध किया है। अब ऐसा प्रतीत होता है कि वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा किसी दबाव में यह वार्ता भारत में करवाने की विशेष पहल कर रहे है जबकि भारत का अभी तक यही रुख रहा है कि कृषि प्रावधानों को इसमे शामिल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के संकठ से गुजर रहे भारतीय किसानों के लिए यह घातक सिद्ध हो सकता है. कृषि प्रावधानों को डब्ल्यूटीओ मे शामिल करना भारतीय किसानों के साथ धोखा है.
श्री केलकर ने कहा कि विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से जूझ रहे अमरीका और यूरोप अपने किसानों को बचाने के लिए हमारे किसानों को बर्बाद करना चाहते है. अमरीका और यूरोप के फूड प्रोसेसिंग मार्केट इसके लिए भारत पर दबाव बना रहे है जिसकी वजह से हमारे ब्रांड लगातार कमजोर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे कई उद्योग अभी विकास की 'नवजात' अवस्था में हैं और उन्हें विकसित देशों के स्तर पर पहुंचने के लिए संरक्षण की जरूरत है।
भारतीय किसान संघ वाणिज्य मंत्रियों की इस बैठक के विरोध में राजधानी के जंतर मंतर पर एक सितम्बर को विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है जिसमे देश भर से आये किसान संघ के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. भारतीय किसान संघ अपनी विभिन्न मांगो को लेकर प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री और वाणिज्य मंत्री को ज्ञापन भी देगा.