नई दिल्ली, 18 मई 2010। देश में बढ़ते आतंकवाद, माओवाद व नक्सलवाद से चिंतित राजधानी के प्रमुख धार्मिक सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों ने एक जुट होकर आज यह मांग की कि आतंकवाद के खिलाफ टालमटोल की नीति को त्याग दुर्दान्त आतंकवादी अफजल गुरू को तुरन्त फांसी पर लटकाया जाये। सभी संगठनों ने राजनीतिक संरक्षण एवं मुस्लिम तुष्टकीरण नीति के चलते अफजल की फाईल को दबाकर फांसी में देरी पर सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए एक सुर में आतंकवादियों के खिलाफ सख्त किन्तु त्वरित कार्यवाही करने की मांग दोहरायी।
Click Picture to Enlagre
राजधानी के झण्डेवालान स्थिति विश्व हिन्दू परिषद कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक की जानकारी देते हुए विहिप दिल्ली के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि अफजल की फांसी पर केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच चल रही आंख मिचौनी से क्षुब्ध राजधानी के प्रमुख धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक संस्थाओं ने एकजुट होकर आज एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव में जहां एक ओर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित को अफजल की फाईल पर फांसी की संस्तुती कर केन्द्र को लौटाने की मांग की गयी है। वहीं दूसरी ओर केन्द्र की यूपीए सरकार को भी इस संदर्भ में तुरन्त हस्तक्षेप कर अफजल को फांसी पर लटकाने के लिए कहा गया है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जिसप्रकार देश में आतंकवाद बढ़ रहा है। जेहादियों के खतरे आये दिन सामने आ रहे हैं ऐसी स्थिति में इसको तुरन्त फांसी पर नहीं लटकाया गया तो न सिर्फ आतंकवादियों के हौसले बढेग़ें बल्कि आतंक से लड़ने वाले शहीद परिवारों व जनता में असुरक्षा की भावना बलवती होगी। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि फांसी की सजा के पांच वर्ष बीत जाने पर भी आतंकवादी जीवित है। यह हमारी न्यायिक प्रणाली में राजनीतिज्ञों के दखल को भी दर्शाता है। जो एक चिन्ता का विषय है।
बैठक में इन्द्रप्रस्थ विहिप के महामंत्री श्री सत्येद्र मोहन, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी राघवानन्द जी, विश्व हिन्दू महासंघ के अध्यक्ष महन्त सुरेन्द्र नाथ जी अवधूत, हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय मंत्री मुन्ना शर्मा, केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनिल आर्य, बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक एडवोकेट शैलेन्द्र जायसवाल, राष्टवादी शिवसेना के अध्यक्ष श्री जय भगवान गोयल के अलावा जैन समाज, बौद्ध समाज, अग्रवाल समाज, वाल्मीकि समाज व गुरूद्वारा प्रबन्धक कमेटी सहित अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। |